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Vihar Dan And It's Marathi meaning | विहार दान व मराठी अर्थ

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               विहार दान इमं विहार चतुद्दिसस्स आगत नागतस्स भिक्खुसंघास देमि| संघो यथा सुखं परिभुञ्ज्तु |               मराठी अर्थ मी ह्या विहाराला चारही दिशांनी आलेल्या आणि येणाऱ्या भिक्षु संघाला दानात समर्पित करितो.

Shubheccha and it's Marathi meaning | शुभेच्छा व मराठी अर्थ

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                                   शुभेच्छा इच्छितं पत्थितं तुय्हं खिप्पमेव समिज्झतु | सब्बे पूरेन्तु चित्तसंकप्पा चन्दो पन्नरसो यथा ||१|| सब्बीतियो विवज्जन्तु सब्बरोगो विनस्सतु | मा ते भवत्वन्तु सुखी दीघायुको भव ||२|| अभिवादनसीलिस्स निच्चं वुड्ढापचायिनो | चत्तारो नम्रता वड्ढान्ति आयु वण्णो सुखं बलं ||३|| भवतु सब्ब मङ् गलम् रक्खन्तु सब्ब देवता | सब्ब बुध्दानुभखवैन सदा सोत्थि भवन्तु ते ||४|| भवतु सब्ब मङ् गलम् रक्खन्तु सब्ब देवता | सब्ब धम्मानुभावेन सदा सोत्थि भवन्तु ते ||५|| भवतु सब्ब मङ् गलम् रक्खन्तु सब्ब देवता | सब्ब संघानुभावेन सदा सोत्थि भवन्तु ते ||६||               मराठी अर्थ तुमच्या इच्छित आणि प्रार्थित सर्व गोष्टी तुम्हाला शीघ्र प्राप्त होवोत. तुमच्या चित्ताचे सर्व संकल्प पौर्णिमेच्या चंद्राप्रमाणे पूर्ण होवोत ||१|| सर्व अतिरेक्यांचे निवारण होवो, सर्व रोग नष्ट होवोत, सर्व प्रकारच्या बाधा नष्ट होवोत, आपणास सुख आणि दीर्घायुष्य ल...

Saranttay and it's Marathi meaning | सरणत्तयं व मराठी अर्थ

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                   सरणत्तयं                नत्थिमे सरणं अञ्ञं, बुध्दो हे सरणं वरं | एतेन सच्चवज्जने, हो तुम्ही हे जयमंगलं ||१||                सरणं अञ्ञं, धम्मो मे सरणं वरं | एतेन  सच्चवज्जने, हो तुम्ही हे जयमंगलं ||२||                नत्थिमे सरणं अञ्ञं, संघो मे सरणं वरं | एतेन सच्चवज्जेन, हो तु मे जयमंगलं ||३||                 मराठी अर्थ  मला दुसऱ्या कोणाचाही आसरा नाही, केवळ बुध्द माझा सर्वश्रेष्ठ आधार व शरण स्थान आहे, ह्या सत्य उच्चाराने माझे जयमंगल होवो ||१|| मी दुसऱ्या कोणाचा आधार होणार नाही. बुध्द धम्म च माझा एकमेव आधार आहे. बुध्द धम्म च माझा एकमेव आधार व शरण स्थान आहे, ह्या सत्य वचणाने माझे जयमंगल होवो ||२|| मला दुसऱ्या कोणाचाही आधार नाही. बुद्धाचा शिष्य संघच माझा सर्वश्रेष्ठ आधार व शरणस्थान आहे, ह्या सत्य वचनाने माझे जयमंगल होवो ||३||

Mahabodhi Pooja and it's Marathi meaning | महाबोधि पुजा व मराठी अर्थ

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               महाबोधी पूजा           यस्स मुले निसिन्नो वा सब्बारि विजयं अका          पत्तो सब्बञ्ञूतं सत्थ वंदे तं बोधी पादपं ||          आहे हे ते महाबोधी लोक नाथेन पुजिता          अहम्पि ते नमस्सामि बोधिराजा नमस्त्युते ||                 मराठी अर्थ तथागत ज्या बोधी वृक्षा खाली बसूनच (राग, द्वेष, मोह आणि मार सेनादि) सर्व शत्रूवर विजय मिळवून च सर्वत्राला ज्ञानास प्राप्त केले, त्या बोधिवृक्षस नमस्कार करतो. हा बोधिवृक्ष लोकनाथ बुध्दाव्दारे पुजित आहे. मी सुद्धा ह्याची पूजा करतो. हे बोधिरजा तुम्हाला माझा नमस्कार असो.

Paritran path and it's Marathi meaning | परित्राण पाठ

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परित्राण पाठ विपत्ति पटिविहाय, सब्ब सम्पति सिध्दिया ||  सब्ब योगा विनासाय, भवे दिघायु दायकं ||  सब्ब दुक्खा विनासाय, भवे निब्बाण सन्तिके भन्ते अनुग्गहं कत्त्वा परित्तंब्रूथ मंगलं ||१||  समन्ता चक्क वालेसु, अत्रागच्छंतु देवता ||  सध्दम्म मुनि राजस्स, सुणन्तु सग्ग मोक्खदं ||  धम्मसवण कालो, अयं भदन्ता ||  धम्मसवण कालो,अयं भदन्ता ||२|| धम्मसवण कालो,अयं भदन्ता ये सन्ता सन्ता चित्ता त्रिसरण भरणा एन्थं लोकं तरे वा || भुम्मा भुम्माच देवा गुण गुण गहण ब्यावत सब्ब कालं ||  एते आयुन्तुदेवा वर || कनकमेय मेरु राजे वसन्तो || सन्तो सन्तो सहेतुं मुनिवर वचनं सौतु मग्ग सुमग्ग ||३|| सब्बेसु चक्कवालेसु, यक्खा देवाचं ब्रम्हानो |  यंदा अम्हेहि कतं पुञ्ञं, सब्ब सम्पत्ति साधकं || सब्बेतं अनुमोदित्त्वा, समग्ग सासनरता || पमाद रहिता होन्तु, आरक्खासु विसेसतो ||४||  सासनस्सच च लोकच्च, वुडि-ढं भवुत सब्बदा |  सासनप्पिच लोकञ्च, देवा रक्खन्तु सब्बदा |  संध्दिसुखी होन्तु, सब्बे परिवारे हि अत्तनो || अनीधा सुमना होन्तु, सहस...

Atthavis Buddha Paritran Path|अठ्ठाविस बुद्ध परित्राण पाठ

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        अठ्ठाविस बुद्ध परित्राण पाठ तण्डंह्करो महाविरो मेधंकरो महायशो सरणं करो लोकं हितो, दिपड् करो जुतिन्धरो कोण्ड ञ्ञो जनप्पमक्खो , मंड्गंलो परिस्सत्थो, सुमनो, धिरो रेवती रतिवठ्ठनो  शोभितो गुण सम्पन्नो, अनोमदस्सी जनुत्तमो पदमोलोके पज्जोतो, नारदा वर सारथी, पथुतरो सब्ब लोकय्यो, प्रियदर्शी  नरासमो अत्थदेस्सी कारुणीको धम्मदस्सी तमोनुदो सिद्धात्थो आसय्यो, लोकहिथो वरदसंवरो फुस्सोवरद सम्बुद्धो विपसी च अनुपमो शिखि सब्ब हितो, विस्सभू सूखदायकंं,सब्ब हितो सत्था वस्स भु सुख दायको||

Ratan sutta and it's Marathi meaning | रतन सुत्त व मराठी अर्थ

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                      रतन सुत्त यानीध भूतानी समागतानि| भूम्मानि वा यानी व अन्तलिखे|तथागतं देवननुस्सपूजितं|बुद्ध नमस्साय सुवत्थि होन्तु||१|| यानीध भूतानी समागतानि| भूम्मानि वा यानी व अन्तलिखे|तथागतं देवननुस्सपूजितं|धम्म नमस्साय सुवत्थि होन्तु||२|| यानीध भूतानी समागतानि| भूम्मानि वा यानी व अन्तलिखे|तथागतं देवननुस्सपूजितं|संघ नमस्साय सुवत्थि होन्तु||३|| यानीध भूतानी समागतानि| भूम्मानि वा यानी व अन्तलिखे|सब्बेवभूता सुमना भवन्तु अथोपि सक्कच सुणन्तु भासितं||४||तस्मा हि भूता निसामेथ सब्बे| मेत्तं करोथ मानुसिया पजाय|दिवा रत्तोच हरन्ति ये बलिं|तस्माहि ने रक्खथ अप्पमत्ता||५|| य किञ्चि वित्त इधं वा हूंर वा| सग्गेसु वा यं रतनं पणीतं | न नो समं अत्थि तथागतेन| इदम्पि बुद्धे रतनं पणीत|एतेन सच्चन सुवत्थि होतुं||६|| खयं विरांग अमतं पणीतं|यदज्झगा साक्यमुनी समाहितो न तेन समात्थि किंञ्चि| इदम्पि धम्मे रतनं पणीतं|एतेन सच्चेन सुवत्थि होतुं||७|| यं बुद्धसेट्ठो परिवण्मयि सुचिं|  समाधिमानन्तरिकञ्ञमाहू| समाधिना तेन सभो न विज्जति| इदम्पि धम्म...

Mahamangal Sutta and it's Marathi meaning|महामंङ्गल सुत्त व अर्थ

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               महामङ्गल सुत्त  एवं मे सुतं |एकं समयं भगवा सवात्थियं विहरित जेतवने अनाथ पिण्डिकस्स आरामे | अथ खो अञ्ञतरा देवता अभिक्कन्ताय रत्तिया अभिकन्तवण्णा केवलकप्पं जेतवनं ओभासेत्वा | येन भगवा तेनुपङकमि, उपसङकत्मित्तवा भगवंन्त अभिवादेत्वा एकमन्तं आठ्ठासि | एकमन्तं ठ्ठिता खोसा देवता भगवन्त गाथाय अज्झाभासि:-               बहू देवा मनुस्सा च, मग्ङलानि अचिन्तयुं |               आकङखमाना सोत्थानं,ब्रुंहि मग्डलमुत्तमं||१||               असवेनाच बालनं, पण्डितानञ्च सेवना|               पूजा चं पूजानियानं,एतं मग्ङलमुत्तमं||२||               पति रुप देसवासे च,पुब्बे च कतपुञ्ञता |               अत्सम्पापणिधि च,एतं मग्ङलमुत्तमं||३||               बाहुसच्च ञ सिपच्च विनञयो च सुसिक्खितो |   ...

Karaniymetta Sutta and it's Marathi meaning | करणीयमेत्त सुत्त व अर्थ

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               करणीयमेत्त सुत्त                              करणीयमत्थकुसलेन,                          यन्तं सन्तं पदं अभिसमेच्च|                             सक्को उजू च सूज च,                         सूवाचो चस्स मृदू अनातिमानी||१||                             सन्तुस्सको च सुभारो च,                        अप्प किच्चो च सलूहुकवुत्ति|                             सन्तिन्द्रियोच निपको च,                        अप्पगब्धो...

Parabhav sutta and it's Marathi meaning | पराभव सुत्त व मराठी अर्थ

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                    पराभव सुत्त   एवं मे सुतं | एकं समयं भगवा सवात्थियं विहरित जेतवने अनाथ पिण्डिकस्स आरामे | अथ खो अञ्ञतरा देवता अभिक्कन्ताय रत्तिया अभिकन्तवण्णा केवलकप्पं जेतवनं ओभासेत्वा | येन भगवा तेनुपङकमि, उपसङकत्मित्तवा भगवंन्त अभिवादेत्वा एकमन्तं आठ्ठासि | एकमन्तं ठ्ठिता खोसा देवता भगवन्त गाथाय अज्झाभासि |                    पराभवन्त पुरिसं मयं पुच्छाम गोतमं|                भगवन्तं पुट्ठमागम्म, किं पराभवतो मुखं||१||                    सुविज्जानो भवं होति, सुविजानो पराभवो|                धम्मकामो भवं होति, धम्मोदस्सो पराभवो||२||                    इति हेतं विजानाम, पठमो सो पराभवो|                 दुतियं भगवा ब्रुही, किं पराभवो मुखं||३|| ...

Murti pratishthpana gatha and it's Marathi meaning | मूर्ती प्रतिष्ठापना गाथा व मराठी अर्थ

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              मूर्ती प्रतिस्थापना इदं बुद्धं बिम्ब सब्बेहि देवं, मनुस्सेहि पुजेतुं| इसस्मि विहारे पतिठ्ठापेमी इदं मे पुञ्ञं | बोधिञ्ञाणं पटिलाभीय सवत्ततुं||१|| तीन वेळा म्हणावे                    मराठी इथे विहारत आम्ही भगवान बुद्धाच्या या मूर्तीची प्रतिस्थापना करित आहोत. विहारत येऊन श्रध्देने सर्व उपासक/उपासिकांनी पूजा करावी. या प्रतिस्थापनेमुळे आम्हाला कुशल कर्माचा व बोधी ज्ञानाचा लाभ व्हावा असा संकल्प करीत आहोत.

Aahar Pooja and it's Marathi meaning | आहार पुजा व अर्थ

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              आहार पुजा  सम्मासम्बुध्द ञाणो यो, तिलोके पच्चायारहो | स नाथो परिगणहातु , भोजनं मधुरं इमं ||१|| आदिवासेंतु नो भन्ते, भोजनं परकप्पितं  अनुम्प उपादाय , पट्टिगण्हातु मुत्तमं||२||               मराठी अर्थ  सम्यक, संबुध्द, भगवान बुध्दाची तिन्ही लोकी नाना प्रकारे पुजा केली जाते. मी सुध्दा या उत्तम व प्राणीत भेजनाने त्याची पुजा करतो. हे भगवान ! आमच्या या पुजेचा आपण स्विकार करावा||१|| भन्ते ! आम्ही पुढे ठेवलेल्या उत्तम भोजनाचा आपण कृपा करून स्वीकार करावा||२||

Mahamangal Gatha and it's Marathi meaning | महामंङ्गल अठ्ठगाथा व अर्थ

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महामङगल गाथा  महाकारुणीतको नाथो दिताय सब्बपाणिनं| पूरत्वा पारमी सब्बा पत्तोसम्बोधि-मुत्तमं| एतेन सच्चवज्जेन होतु ते जयमङ्गल||१|| जयन्तो बोधियो मूले सक्यानं नन्दिवड् ढनो| एवं तुय्हं जयो होतु जयस्सु जयमङ्गल||२|| सक्कत्वा बुद्धरतनं ओसधं उत्तमं वरं,  हितं देव मनुस्सानं बुद्धतेजेन सोत्थिना| नस्सन्तुपद्दवा सब्बे दुक्खा वूपसमेन्तु ते||३|| सक्कत्वा धम्मरतंनं ओसधं उत्तमं वरं,  परिमलाहुपसमनं धम्मतेजेन सोत्थिना| नस्सन्तु पद्दवा सब्बे भया वूपसमेन्तू ते||४|| सक्कत्वा संघरतंनं ओसधं उत्तमं वरं, आहुण्णेयं पाहुणेय्यं संघतेजेन सोत्थिना| नस्सन्तु पद्दवा सब्बे रोगा वूपसमेन्तु ते||५|| यं किञ्चि रतनं लोके विज्जतति विविधं पुथु, रतनं बुद्ध समं नत्थि. तस्मा सोत्थि भवन्तु ते||६|| यं किञ्चि रतनं लोके विज्जति विविधं पुथु, रतनं धम्म समं नत्थि तस्मा सोत्थि भवन्तु ते||७|| यं किञ्चि रतनं लोके विज्जति विविध पुथु, रतनं संघं समं नत्थि तस्मा सोत्थि भवन्तु ते||८|| नत्थि मे सरणं अञ्ञं बुद्धो मे सरणं वरं, एतेन सच्चवज्जेन होतु मे जयमंगलं||९|| नत्थि मे सरणं अ...

Narsinha Gatha and it's Marathi meaning | नरसिंह गाथा व अर्थ

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                 नरसिंह गाथा चक्कवरकिङत रत्तसुपादो, लक्खण मण्डित आयतपण्ही, चामर छत्त विभूसित पादो, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||१|| साक्यकुमार वरो सुकुमालो, लक्खणचिंत्तित पुण्यसरीरो, लोकहिताय गतो नरवीरो, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||२|| पुण्यसंसड निभुमुखवण्णो, देवनरनापियो नरनागो, मंत्तगाजिन्द विलासितगमि, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||३|| खांयि सम्भव अग्ग कुलीनो देव मनुस्स नमास्मित पादो, शील समाधि पतिठ्ठितचित्तो एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||४|| आयततुङग सुसंठीत नासो, गोपमुखो अभिनील सुनेतो| इद्रधनु अभिनील भमूको, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||५|| वठ्ठ सुमठ्ठ सुसंठीत गीवो, सिंहहुन मिगराज सरीरो, कच्चन सुच्छवि उत्कमवण्णो, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||६|| सिनिद्ध , सुगंम्भीर म ञ्ञसुधोसो, हिंगलब्धु सुरतसुजिव्हो विसती| वीसती सेतसुन्दतो, एस हि तू हे पिता नरसिंहो||७|| अ ञ्ञन वण्ण सुनील सुकेसो, कंच्चनपट्ट विसुद्ध ललाटो| ओसधी पण्डर सुद्धसुउण्णो, एस हि तूय्ह पिता नरसिंहो||८|| गच्छंती ...

Buddha Puja and it's Marathi meaning | बुद्ध पूजा व अर्थ

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                   बुद्ध पूजा               वण्ण - गन्ध - गुणोपेतं एतं कुसुमसन्तति|              पूजयामि मुनिन्दस्स , सिरिपादसरोरूहे||१||          पुजेमि बुद्धं कुसुमेन नेनं पु ञ्ञेन मेत्तेन लभामि मोक्खं|     पुप्फं मिलायति यथा इदं मे, कायो तथा याति विनास भावं||२||                     घनसारप्पदितेन  दि पेन तमधंसिना|               तिलोककदीपं सम्बुद्धं पूजयामि तमोनुदं||३||                    सुगन्धिकाय वदनं, अनन्त गुणगन्धिना|               सुगंधिनाहं गन्धेन , पूजयामि तथागतं||४||              बुद्धं धम्मं च संघं, सुगततनुभवा धातवो धातुगब्भे|         लंकाय जम्बुदीपे तिदसपुरव...

Jaymangal And It's Marathi meaning | जयमंङ्गल अठ्ठगाथा व मराठी अर्थ

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             जयमंङ्गल अठ्ठगाथा                      बाहुं सहस्सभिनिम्मित सावुधन्तुं,                     गिरीमेखलं उदित घोर-ससेन-मारं                     दानादि धम्मविधिना जितवा मुनिन्दो,                     तं तेजसा भवतु ते जयमंङलानि||१||                     मारातिरेक-मभियुज्झित सब्बरती,                     घोरम्पनाल वक मक्ख मंथद्ध, यक्ख|                     खन्ती सुदन्तविधिना जितवा मुनिन्दो,                     तं तेजसा भवतु ते जयमंङलानि||२||                     नागगिरि गजवरं अतिमत्तभूतं, ...

Kshama and Panchshil Yachana and it's Marathi meaning | क्षमा व पंचशील याचना आणि अर्थ

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              क्षमा याचना                          ओकाय वन्दामि भन्ते|           द्वारत्त येन कत्तं सब्बं अपराधं खमतु मे भन्ते||१||                    दुतियम्पि ओकास वन्दामि भन्ते|           द्वारत्त येन कत्तं सब्बं अपराधं खमतु मे भन्ते||२||                   ततियम्पि ओकास वन्दामि भन्ते|           द्वारत्त येन कत्तं सब्बं अपराधं खमतु मे भन्ते||३||              पंचशील याचना                          ओकास वन्दामि भन्ते|             तिसरणेन सद्धि पंचशील धम्मं याचामि|                 अनुग्गहं कत्वा सीलं देथ में भन्ते||१||      ...

Aadesh and it's Marathi meaning | आदेश व अर्थ

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               आदेश        चरथ भक्खवे चारिकं बहुजन हिताय हुजन सुखाय |         लोकनुकंम्पाय, अध्याय, हिताय, सुखाय, देवमनुस्सानं |       देसे थ भिक्खवे,धम्मं आदि कल्याण मज्झे कल्याणं                           परियोस कल्याण | सात्थं सव्यज्जनं केवल परिपुण्णं परिसुद्धं ब्रम्हचरियं पकासेथं |                नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासबुद्ध                           ( 3 वेळा म्हणावे)                 मराठी अर्थ  हे भिक्खूनो, बहुजनांच्या हितासाठी व सुखासाठी लोकांवर दया करण्याच्या उद्देशाने देव(सज्जन व्यक्ती) व मनुष्य यांच्या कल्याणाकरिता, हिताकरिता,  सुखाकरिता या धम्माचा प्रचार करा. भिक्खूनो, आरंभी कल्याणकारक, मध्य कल्याणकारक व शेवटी कल्याणकारक अशा या धम्माचा ब्रम्हचर्य ...

Punyanamodan and it's Marathi meaning(पुण्यनमोदन व अर्थ)

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                पुण्यनुमोदन                 दुक्प्पखत्ता च निदुक्खा भयप्पत्ता च निब्भया |           सोकप्पत्त च निस्सोको होन्तु सब्बेपि पाणिनो||१ ||                एतावता च अम्हेहि सम्भतं पुञ्ञ सम्पदं|           सब्बे देवानुमोदन्तु सब्ब सम्पति सिध्दिया ||२||                दानं ददन्तु सध्दाय सीलं रक्खन्तु सब्बदा |          भावना भिरता होन्तु गच्छन्तु देवतांगता ||३||                सब्बे बुध्दा बलपत्ता पच्चकानञ्च यं बलं |          अरहन्ताञ्च तेजेन, रक्खन्तु बन्धामि सब्बसो ||४||               आकासठ्ठा च भूम्मठा, देवा- नागा महिध्दिका |          पुञ्ञं तं अनुमोदित्वा, चिरं रक्खन्तु सासनं ||५||       ...

Pattidan and it's Marathi meaning | पत्तीदान व मराठी अर्थ

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                    पत्तीदान                इदंने ञातीनं होतु, सुखिता होन्तु ञातयो|          ञिवार म्हणजे उञमे उदकं वट्टयथा निन्न पवत्ति|               एकमेव इत्तो दिन्नं पेतानं उपकप्पति ||१||               यथा वारिवहा पूरा, परिपुरेन्ति सांगतं|          एकमेव इत्तो दिन्न पेतानं उपकप्पति ||२||               इच्छितं पत्थितं तुय्हं खिप्पमेव समिज्झतु |          सब्बे पुरेन्तु चित्तसंकप्प छन्दो पन्नरस्स यथा ||३||              आयुरारोग्य सम्पति, सग्गसम्पतिमेवच |         तंतोतंत निब्बाण सम्मति, इमाना ते समिज्झतु ||४||              अनिच्चा वत सङ्खारा उप्पादवय - धम्मिनो              उप्पज्जि...